Posts

Showing posts from June, 2006

वो क्या जाने पीर पराई !!

Image
वो क्या जाने पीर पराई !! दुनिया के दस्तूर थोडे अज़ीब ही हैं.... यहाँ चाहे कोई कुछ भी हो, अमीर चाहे गरीब, प्रबुद्ध चाहे मूर्ख, घमंडी कपटी चाहे धर्मात्मा .. पर सबके अन्दर थोडी बहुत जीने की चाह, थोडी खुशियोँ की हसरत, थोडा अच्छा करने की प्रेरणा आज भी बाकी है. मैं ये तो नहीं जानता कि हर इन्सान सिर्फ खुशियों की ही कामना क्यों करता है ? पर फिर भी इतना तो है कि मैं या तो सिर्फ खुशियों की कामना नहीं करता.. या फिर मैं सामान्य नहीं रहा... खैर जो भी हो मुझे भी बहुत सी बातों का इन्तज़ार है, शायद यही वो ज़ीने की चाह है, या खुशी की हसरत या फिर कुछ अच्छा करने की प्रेरणा.... या कहीं ये सिर्फ मेरा पागलपन ही हो... कौन जाने ?