नफरत है मुझे

नफरत है मुझे, ज़िन्दगी के उन अहसासों से.
जो पल पल मुझे यकीन दिलाते हैं, कि मैं हर कदम एक झूठ के साये में चल रहा हूँ.
ये जीवन एक मिथ्या के अलावा अगर कुछ है,तो मैं उस पहलु को छूना चाहता हूँ. और शायद इसीलिये मैं कब से भटक रहा हूँ काल के चक्रव्युह में.
मुझे खुद नहीं पता कि इस सफर की मंजिल कहाँ है. क्या पता मेरा ये सफर एक अच्छे मुकाम पे पहुँच सके.
क्या पता मेरी आखिरी साँस एक सच के साये में आकार ले पाये, शायाद सबसे विशाल सत्य आखिरी सत्य हो ;

Comments

अब भटकने की जरूरत नहीं आप हिन्दी चिट्ठा जगत में आ गये सब नफरत भी दूर हो जायगी बहुत साथी भी मिलेंगे। स्वागत है यहां आपका। लिखते चलिये।
पंकज said…
धन्यवाद उन्मुक्त जी, आशा है कि ये खोज यहाँ आकर समाप्त हो जाये ,
PC Bhatt said…
umda soch hai ...acchi prastuti hai ...keep it on
Anonymous said…
Hello everybody! I'm sorry, I'm italian and I can't understand anything about you language .. but a friend of mine wrote me this sentence "मुझे नफरत है" and I don't know how to translate it ... please can anyone tell me in english what does it mean? thank you!