मेरी दैनन्दिनी
खुदा निगेहबान हो तुम्हारा, धड़कते दिल का पयाम ले लो.
तुम्हारी दुनिया से जा रहे हैं , उठो हमारा सलाम ले लो.अपनी डायरी के कुछ पन्नों को सार्वजनिक करने का मन कर रहा है.. कोशिश करुँगा कि किसी को क्षति पहुँचाये बिना ये काम कर सकूँ... घटनाओं के विवरण वाले पृष्ठ कम से कम रहें , ऐसा मेरा प्रयास रहेगा...
लोगों के नाम यथासम्भव समान रखने का प्रयास करूँगा पर आवश्यकता पड़ने पर छ्द्म नामों का सहारा लेना मेरी मज़बूरी रहेगी...
इस सबके पीछे मेरी मंशा सिर्फ़ अपने आपको पहचानने की है.. किसी को ठेस पहुँचाने या नीचा दिखाने की कतई नहीं......
Comments