मेरी दैनंदिनी -७

१७ मई २००५

दुनिया में आपके लिए सिर्फ एक सच होता है , और वो सच बाक़ी सब चीजों से बड़ा होता है
लेकिन हाँ, कभी कभी कुछ एक बातें होती हैं जो हर सच, हर भरोसे से बड़ी होती हैंऔर ऎसी ही एक बात को उसका अंत दिखाकर आया हूँ आज

प्यार सिर्फ एक अहसास होता है , जिसे जैसा आप समझते हैं , जरूरी नहीं कि दुनिया भी वैसा ही समझेलेकिन इस आपाधापी में अगर कोई आप को समझे या फिर आपको समझने की कोशिश करे तो शायद इससे ज्यादा ख़ुशी कोई और आपको कभी दे नहीं पाएगा

पारुल ,
तुम्हें मैंने इस कॉलेज में सबसे ज्यादा इज्ज़त की नज़रों से देखा हैयूं तो कभी किसी के प्रभाव में खुद को खोने नहीं दिया पर तुम्हे देखकर खुद का आभास ही नहीं हुआ कभी मुझेजाने कब कौन सी बात थी , जो तुम मेरे लिए प्रेरणा बन गयीऎसी प्रेरणा जो हर वक़्त मेरे साथ थीमेरे अच्छे या मेरे बुरे वक़्त में भी जो कहीं ना कहीं मुझे एक अच्छा इंसान बने रहकर अपना धैर्य नहीं खोने देती थी
मैं जानता हूँ , ये शब्द एक दिन बेईमानी लगने लगेंगे और ये सब बातें शायद अपना मतलब खो देंगीपर वास्तव में आज मैं खुश हूँऔर जानता हूँ कि आज ये बात मेरे लिए मायने रखती हैं
हमारी सफलता इस बात पर कम ही निर्भर करती है की हमने वाकई में क्या पायाअपितु सफलता के सही आयामों और पैमानों को निर्धारित करने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद ये होता है कि जीवन में पाने की होड़ के बीच में अपने आप को क्या खोने से बचाया
आज फिर सिर्फ सच के सहारे अपनी लड़ाई लड़ी...
मेरे सभी दोस्तों और मानसी, मेरे इस सच में एक बार फिर मेरे साथ देने के लिए शुक्रिया

मानसी,
बाकी उस अहसास के लिए शुक्रिया जिसे मैंने एक वक़्त पर महसूस तो किया था पर उसे कभी परिणिति ना समझ सका ...

Thanks for being in this college .......

Comments

दर्शन said…
पता नहीं कितनी भारी-भरकम भाषा का प्रयोग किया है तुने , परंतु इस लेख के पीछे का जीवन-दर्शन काफी गहरा है इसमें कोई शक नही हैं जैसे कि ..
“प्यार सिर्फ एक अहसास होता है , जिसे जैसा आप समझते हैं , जरूरी नहीं कि दुनिया भी वैसा ही समझे। लेकिन इस आपाधापी में अगर कोई आप को समझे या फिर आपको समझने की कोशिश करे तो शायद इससे ज्यादा ख़ुशी कोई और आपको कभी दे नहीं पाएगा “
या फिर
“सफलता के सही आयामों और पैमानों को निर्धारित करने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद ये होता है कि जीवन में पाने की होड़ के बीच में अपने आप को क्या खोने से बचाया” तेरे इस नजरिये को कितने लोग समझंगे पता नहीं पर काफी प्रभावशाली लिखा है ! I hope Parul and Mansi will read it ….

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